अराध्या प्रकाशन

अराध्या प्रकाशन सकल संसार मां से है, ये ममता प्यार मां से है। ये हंसता खेलता पूरा, मेरा परिवार मां से है।। मेरी छोटी सी ये दुनिया, सजाई है मेरी मां ने— ये घर, घर है उसी मां से मेरा आधार मां से है।। कवि सुदेश यादव जख्मी

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